CBSE ने 12वीं की परीक्षा के लिए दो विकल्पों का रखा प्रस्ताव, राज्य बोर्डों को अपना निर्णय लेने की अनुमति
12वीं और एंट्रेंस परीक्षा को लेकर हुई डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार के दो प्रस्ताव रखें, वहीं CBSE ने 12वीं की परीक्षा के लिए दो ऑप्शन का प्रस्ताव रखा है, जिसके साथ CBSE ने कहा कि राज्य बोर्डों को अपना निर्णय लेने की अनुमति है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने पहला ऑप्शन दिया है कि वह केवल प्रमुख विषयों के लिए कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा आयोजित की जाए। बोर्ड 12वीं के174 विषय में परीक्षा का आयोजन करता है, जिनमें से लगभग 20 विषय ऐसे है जो CBSE की ओर से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इनमें भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, जीव विज्ञान, इतिहास, राजनीति विज्ञान, व्यवसाय अध्ययन, लेखा, भूगोल, अर्थशास्त्र और अंग्रेजी विषय शामिल हैं।
दूसरे ऑप्शन के तहत, जिसमें केवल 45 दिन लगेंगे, सीबीएसई ने कहा कि कक्षा 12वीं के छात्र महत्वपूर्ण विषय की परीक्षा में अपने स्कूलों में बैठें (सेल्फ सेंटर) में दे सकते हैं।
CBSE ने कहा, 12वीं की परीक्षाएं छात्रों के स्कूलों में ही आयोजित की जाती है तो 3 घंटे की बजाए परीक्षाएं 1.5 घंटे की हों। साथ ही स्कूल में ही कॉपियां चेक की जाएं।
अगर ये दूसरे ऑप्शन के माध्यम से परीक्षा का आयोजन किया जाए तो प्रश्न पत्र में ऑब्जेक्टिव और शॉर्ट टर्म प्रश्न ही पूछे जाने चाहिए। वैकल्पिक विषयों में प्रदर्शन के आधार पर पांचवें और छठे विषयों के अंक तय किए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार, CBSE 12वीं की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा का आयोजन किस फॉर्मेट में कब और कैसे होगा, इसके बारे में जानकारी शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक 1 जून को देंगे। वहीं 1 जून को 12वीं CBSE परीक्षा की तारीखों का ऐलान किया जाएगा।
आपको बता दें, केंद्रीय मंत्रियों की हाल ही में संपन्न हुई मीटिंग में दिल्ली सरकार ने कहा कि वे कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के पक्ष में नहीं हैं। वहीं मीटिंग में बैठक में कहा गया कि राज्य बोर्ड अपने हिसाब से फैसला कर सकते हैं। लेकिन CBSE, NEET और JEE की परीक्षाएं होंगी।
Source: NDTV

