यूपी में वैक्सीन का कॉकटेल: पहली डोज लगी 'कोविडशील्ड' तो दूसरी लगी 'को-वैक्सीन', दहशत में ग्रामीण
उनके टीका लगवाने के बाद जब ANM ने और टीका मंगवाया तब टीका जारी करने वाले डॉक्टर ने बताया कि उन लोगों को गलत टीका लग गया है। ग़लत टीका लगवाने वाले ग्रामीण अब किसी अनहोनी से डरे हुए हैं। रामसूरत ने NDTV से बात करते हुए हा कि ऐसा लगता है कि शरीर के अंदर कुछ गलत हो गया है। राम भरोसे को डर है कि उन्हें कहीं कुछ हो न जाए? सिद्धार्थनगर के CMO संदीप चौधरी ने बताया कि यह चूक हुई है, बड़े डॉक्टरों से इस मामले की की जांच भी कराई थी। जांच रिपोर्ट आ चुकी है और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
इसके पहले अप्रैल के पहले हफ्ते में ऐसा ही एक लापरवाही भरा मामला यूपी के शामली में सामने आया था। जब कुछ गांव वालों को करीना की वैक्सीन के बजाए एन्टी रेबीज़ इंजेक्शन लगा दिए गए थे। इसकी जानकारी तब हुई जब कांदला के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पर 72 साल की अनारकली ने टीका लगवाने के बाद ANM को अपना आधार कार्ड दे कर कहा कि वह उनका आधार नंबर दर्ज कर लें। अनारकली कहती हैं कि इस पर एएनएम ने कहा कि कुत्ता काटने का टीका लगाने पर आधार की ज़रूरत नहीं होती। तब उन्हें पता चला कि उन्हें कुत्ता काटने पर लगने वाला इंजेक्शन लगा दिया गया है।
इसी तरह कानपुर देहात में भी स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही का मामला सामने आया है। कानपुर देहात में स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एक एएनएम मोबाइल पर बात करने में इतनी मश्ग़ूल थी कि उसने एक ही महिला को दो बार टीका लगा दिया। जब महिला ने एएनएम से पूछा कि "क्या अब दोनों डोज़ एक ही दिन लग रही है। तब एएनएम ने महिला से नाराजगी के साथ कहा कि तुम टीका लगवाने के बाद यहां से हटीं क्यों नहीं? तुम्हारी ग़लती के कारण दो बार टीका लग गया। तब कानपुर देहात के CMO ने कहा था कि वह इसके बाद टीका लगाए जाने वाली जगह पर मोबाइल ले जाने पर रोक लगा देंगे।
Source: NDTV

